मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate) आपके लिए बहुत जरूरी दस्तावेज है। चाहे आपको कॉलेज में एडमिशन लेना हो या सरकारी नौकरी की तैयारी करनी हो, इसकी जरूरत आपको हर जगह पड़ेगी। इसलिए, यह दस्तावेज आपके पास हमेशा होना चाहिए।
अक्सर हमें लगता है कि इसे बनवाना बहुत मुश्किल काम है। हमें डर लगता है कि ब्लॉक (Block) या तहसील के चक्कर काटने पड़ेंगे, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। अब 2025 में आप घर बैठे या किसी साइबर कैफे से इसे आसानी से ऑनलाइन बनवा सकते हैं।
अगर आपको लगता है कि इसमें बहुत टेंशन होगी, तो यह ब्लॉग आपके लिए ही है। यहाँ हम आपको बहुत ही आसान भाषा में बताएंगे कि आप मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे कर सकते हैं। यह दस्तावेज सरकार को यह साबित करता है कि आप उस राज्य के पक्के निवासी हैं।
आज के इस पोस्ट में हम आपको स्टेप-बाय-स्टेप बताएंगे कि:
- अप्लाई कैसे करें?
- कौन-कौन से जरूरी दस्तावेज लगेंगे?
- अगर आप कचहरी (Offline) जाकर बनवाना चाहते हैं, तो उसका तरीका क्या है?
तो चलिए शुरू करते हैं!
Table Of Contents
मूल निवास प्रमाण (Mool Niwas Praman Patra ) पत्र क्या है?
मूल निवास प्रमाण ( Mool Niwas Praman Patra ) पत्र यह साबित करता है कि आप किस राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के स्थायी निवासी (Permanent Resident) हैं।
चाहे आप भारत के किसी भी राज्य से हों—जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश या राजस्थान—हर राज्य सरकार अपने नागरिकों को यह प्रमाण पत्र जारी करती है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि राज्य के नागरिक सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
मूल निवास प्रमाण पत्र (Mool Niwas Praman Patra) के लाभ और उपयोग
सरकार द्वारा मूल निवास प्रमाण पत्र (Mool Niwas Praman Patra ) जारी करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि राज्य के निवासियों को प्राथमिकता और विशेष सुविधाएं मिल सकें। इसके प्रमुख लाभ (Benefits) निम्नलिखित हैं:
- सरकारी योजनाएं: इसका उपयोग राशन कार्ड बनवाने और अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किया जाता है।
- सरकारी नौकरी: राज्य स्तर की भर्तियों (Recruitment) में ‘राज्य कोटे’ (State Quota) का लाभ पाने के लिए यह अनिवार्य है।
- एडमिशन (Admission): विद्यार्थियों को स्कूल, कॉलेज या यूनिवर्सिटी में स्थानीय निवासियों के लिए ‘आरक्षित सीटों’ (Reserved Seats) पर प्रवेश पाने के लिए इसकी जरूरत पड़ती है।
- छात्रवृत्ति (Scholarship): राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली स्कॉलरशिप का फायदा उठाने के लिए यह दस्तावेज बहुत जरूरी है।
मूल निवास के लिए पात्रता (Eligibility Criteria)
मूल निवास प्रमाण पत्र (Mool Niwas Praman Patra) बनवाने के लिए नियम हर राज्य के अनुसार थोड़े अलग हो सकते हैं, लेकिन सामान्यतः सभी राज्यों में निम्नलिखित शर्तें और डॉक्यूमेंट्स एक जैसे ही होते हैं:
- भारतीय नागरिकता: आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
- स्थायी निवासी: आवेदक उस राज्य का स्थायी निवासी (Permanent Resident) होना चाहिए जहाँ से वह आवेदन कर रहा है।
- निवास की अवधि: आवेदक उस राज्य में पिछले 3, 5 या 10 वर्षों से (राज्य के नियमानुसार) लगातार रह रहा हो।
- विवाहित महिलाओं के लिए: जिस महिला की शादी उस राज्य के स्थायी निवासी पुरुष से हुई हो, वह भी अपने पति के निवास स्थान के आधार पर मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए पात्र मानी जाती है।
आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
एक जरूरी बात: यहाँ बताए गए सभी दस्तावेजों की फोटोकॉपी (Photocopy) करवाकर अपने पास जरूर रख लें। नीचे दी गई लिस्ट को ध्यान से पढ़ें कि आपको कौन-कौन से दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी:
- पहचान पत्र (Identity Proof): पहचान साबित करने के लिए आपको आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट की जरूरत पड़ेगी।
- पते का प्रमाण (Address Proof): पते के सबूत के लिए राशन कार्ड, बिजली का बिल, पानी का बिल या टेलीफोन बिल में से किसी एक दस्तावेज की जरूरत होगी।
- जन्म का प्रमाण (Date of Birth Proof): इसके लिए जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) सबसे सही है। अगर वह नहीं है, तो 10वीं या 12वीं की मार्कशीट से भी काम हो जाएगा।
- जमीन के कागज (Land Records): (यदि लागू हो) कुछ राज्यों में जमीन के कागज जैसे खतौनी या रजिस्ट्री की फोटोकॉपी की मांग की जा सकती है।
- पासपोर्ट साइज फोटो: आपकी हाल ही में खींची गई पासपोर्ट साइज फोटो लगेगी।
- स्वयं घोषणा पत्र (Self Declaration Form): यह फॉर्म आपको संबंधित वेबसाइट से या नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) से मिल जाएगा।
- पटवारी या ग्राम प्रधान की रिपोर्ट: ध्यान दें, कुछ राज्यों में आवेदन फॉर्म पर पटवारी या ग्राम प्रधान के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं।
फीस, समय और वैधता (Fees, Timeline & Validity)
बहुत से लोग जानकारी न होने के कारण दलालों (Brokers) के द्वारा मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाते हैं, जिससे उनके पैसे बहुत ज्यादा खर्च हो जाते हैं। जबकि असल में सरकार द्वारा निर्धारित फीस बहुत कम होती है।
यहाँ एक सामान्य जानकारी दी गई है कि इसमें कितना खर्चा और समय लग सकता है:
| विवरण (Details) | जानकारी (Information) |
| आवेदन शुल्क (Application Fees) | ₹40 से ₹100 तक (यह हर राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकता है)। |
| बनने में लगने वाला समय | 3 से 7 कार्य दिवस (Working Days)। |
| वैधता (Validity) | सामान्यतः यह लाइफटाइम (आजीवन) होता है, जब तक कि आप अपना राज्य न बदलें। (हालांकि, कुछ विशेष नौकरियों या कामों के लिए कभी-कभी हाल ही का बना हुआ प्रमाण पत्र मांगा जाता है)। |
| तत्काल सेवा (Tatkal Service) | कुछ राज्यों में अतिरिक्त शुल्क (Extra Fee) देने पर यह 2-3 दिन में भी बन जाता है। |
मूल निवास प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Process)
आप घर बैठे ही मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। नीचे हमने इसकी पूरी प्रक्रिया विस्तार से बताई है। यह प्रक्रिया लगभग सभी राज्यों के लिए एक समान ही होती है:
चरण 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं सबसे पहले अपने राज्य की आधिकारिक ‘e-District’ या ‘e-Governance’ वेबसाइट पर जाएं। (नीचे दी गई लिस्ट में आप अपने राज्य का नाम चुनें और दिए गए लिंक पर क्लिक करें)।
चरण 2: रजिस्ट्रेशन करें (Registration) वेबसाइट के होमपेज पर ‘New Registration’ या ‘Citizen Login’ (साथी लॉगिन) का विकल्प दिखेगा। उस पर क्लिक करें और अपनी बेसिक डीटेल्स भरकर अपना अकाउंट बना लें।
चरण 3: सर्विस चुनें अकाउंट बनने के बाद अपनी आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें। इसके बाद ‘Services’ (सेवाएं) सेक्शन में जाएं और ‘Domicile Certificate’ (मूल निवास प्रमाण पत्र) के विकल्प को चुनें।
चरण 4: फॉर्म भरें अब आपके सामने आवेदन फॉर्म खुल जाएगा। इसमें मांगी गई सभी जानकारी जैसे—आपका नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि और अपना पूरा पता सही-सही भरें।
चरण 5: दस्तावेज अपलोड करें फॉर्म भरने के बाद अपनी पासपोर्ट साइज फोटो और ऊपर बताए गए सभी जरूरी दस्तावेजों को स्कैन करके वेबसाइट पर अपलोड कर दें। (ध्यान रहे कि स्कैन साफ दिखाई देना चाहिए)।
मेरा सुझाव (Expert Tip): दोस्तों, मैंने कई बार देखा है कि लोग मोबाइल से फोटो खींचकर अपलोड कर देते हैं जो धुंधली होती है और फॉर्म रिजेक्ट हो जाता है। मेरा अनुभव कहता है कि आप ‘Adobe Scan’ या ‘CamScanner’ जैसे ऐप से डॉक्युमेंट स्कैन करें, फिर ही अपलोड करें।
चरण 6: फीस जमा करें (Payment) दस्तावेज अपलोड करने के बाद पेमेंट का पेज खुलेगा। यहाँ आप UPI (PhonePe, Google Pay), डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए निर्धारित सरकारी शुल्क का भुगतान कर दें।
चरण 7: सबमिट और रसीद (Acknowledgment) पेमेंट होने के बाद ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें। सबमिट करते ही आपको एक Acknowledgment Receipt (पावती रसीद) मिलेगी। इसे डाउनलोड करके अपने फोन/कंप्यूटर में Save कर लें या इसका प्रिंट निकाल लें। (नोट: इसी रसीद नंबर से आप बाद में अपना सर्टिफिकेट डाउनलोड कर पाएंगे)।
सभी राज्यों की ऑफिशियल वेबसाइट (State-wise Direct Links)
यहाँ नीचे हमने कुछ प्रमुख राज्यों की आधिकारिक वेबसाइट्स की लिस्ट दी है। आप अपने राज्य के सामने दिए गए लिंक (Link) पर क्लिक करके सीधे आवेदन कर सकते हैं:
| राज्य का नाम (State) | अप्लाई करने के लिए लिंक (Official Website) |
| उत्तर प्रदेश (UP) | e-District UP |
| मध्य प्रदेश (MP) | MP e-District |
| बिहार (Bihar) | RTPS Bihar |
| राजस्थान (Rajasthan) | SSO Rajasthan / e-Mitra |
| हरियाणा (Haryana) | e-District Haryana |
| दिल्ली (Delhi) | e-District Delhi |
| झारखण्ड (Jharkhand) | JharSewa |
| उत्तराखंड (Uttarakhand) | e-District Uttarakhand |
| छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) | e-District CG |
| महाराष्ट्र (Maharashtra) | Aaple Sarkar |
ऑफलाइन आवेदन कैसे करें? (Offline Process)
अगर आपको ऑनलाइन फॉर्म भरने में कोई दिक्कत आ रही है या आप खुद फॉर्म नहीं भर सकते, तो चिंता न करें। आप ऑफलाइन तरीके से भी अपना मूल निवास प्रमाण (Mool Niwas Praman Patra)पत्र बनवा सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
स्टेप 1: ऑफिस जाएं सबसे पहले अपने नजदीकी तहसील, एसडीएम (SDM) ऑफिस या जन सेवा केंद्र (CSC/e-Mitra) पर जाएं।
स्टेप 2: आवेदन फॉर्म प्राप्त करें वहाँ काउंटर से ‘मूल निवास आवेदन फॉर्म’ ( Mool Niwas Praman Patra) प्राप्त करें। (सुझाव: हमने नीचे फॉर्म का डाउनलोड लिंक भी दिया है। आप वहां से फॉर्म डाउनलोड करके उसका प्रिंट आउट भी निकलवा सकते हैं)।
स्टेप 3: फॉर्म भरें और दस्तावेज लगाएं फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरें। इसके बाद, ऊपर बताए गए सभी जरूरी दस्तावेजों की फोटोकॉपी को फॉर्म के साथ अटैच (Pin) कर दें।
स्टेप 4: पटवारी की रिपोर्ट अब अपने भरे हुए फॉर्म पर अपने क्षेत्र के लेखपाल (Patwari) या ग्राम प्रधान की रिपोर्ट लगवाएं और उनके हस्ताक्षर करवाएं। (यह स्टेप बहुत महत्वपूर्ण है)।
स्टेप 5: जमा करें और रसीद लें अंत में, इस तैयार फॉर्म को उसी ऑफिस (तहसील या CSC) में जमा कर दें। फॉर्म जमा करने के बाद वहां से रसीद (Receipt) लेना न भूलें, क्योंकि बाद में प्रमाण पत्र लेते समय इसकी जरूरत पड़ेगी।
स्टेटस चेक और डाउनलोड कैसे करें? (Status Check & Download)
आवेदन जमा करने के कुछ दिनों बाद आप यह चेक कर सकते हैं कि आपका(Mool Niwas Praman Patra) प्रमाण पत्र बना है या नहीं। इसकी प्रक्रिया बहुत आसान है, बस नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
स्टेप 1: वेबसाइट पर जाएं सबसे पहले उसी आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं जहाँ से आपने आवेदन किया था। (या फिर आप नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक पर क्लिक करके भी वहां जा सकते हैं)।
स्टेप 2: स्टेटस विकल्प चुनें वेबसाइट के होमपेज पर ‘Track Application Status’ (आवेदन की स्थिति) का विकल्प दिखेगा, उस पर क्लिक करें।
स्टेप 3: आवेदन संख्या भरें अब बॉक्स में अपना Application Number (आवेदन संख्या) डालें और सर्च बटन पर क्लिक करें।
स्टेप 4: स्टेटस देखें और डाउनलोड करें अब आपके सामने आवेदन का स्टेटस आ जाएगा।
- अगर स्टेटस ‘Approved’ या ‘Generated’ दिख रहा है, तो इसका मतलब आपका प्रमाण पत्र बन गया है।
- आप वहीं दिए गए लिंक से अपना डिजिटल साइन (Digitally Signed) किया हुआ प्रमाण पत्र डाउनलोड और प्रिंट कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: मूल निवास प्रमाण (Mool Niwas Praman Patra) पत्र की वैधता (Validity) कितने समय की होती है?
ज्यादातर राज्यों में इसकी वैधता आजीवन (Lifetime) होती है, बशर्ते आपने अपना स्थायी निवास दूसरे राज्य में शिफ्ट न किया हो। कुछ राज्यों में इसे हर 3 साल में रिन्यू कराना पड़ सकता है।
Q2: क्या मैं मोबाइल से मूल निवास के लिए अप्लाई कर सकता हूँ?
जी हाँ, बिल्कुल। आप अपने मोबाइल के ब्राउज़र को ‘Desktop Mode’ में डालकर या राज्य सरकार की ऐप (जैसे UP में eSathi, राजस्थान में e-Mitra) के जरिए अप्लाई कर सकते हैं।
Q3: अगर आवेदन रिजेक्ट (Reject) हो जाए तो क्या करें?
रिजेक्शन का कारण चेक करें (अक्सर दस्तावेज साफ न होने या जानकारी गलत होने पर ऐसा होता है)। कमियों को सुधारकर दोबारा अप्लाई करें या तहसील जाकर अधिकारी से मिलें।
Q4: मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र में क्या अंतर है?
मूल निवास यह बताता है कि आप कहाँ के निवासी हैं, जबकि जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) आपकी सामाजिक श्रेणी (OBC/SC/ST) की पुष्टि करता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
दोस्तों, 2025 में Mool Niwas Praman Patra (Domicile Certificate) बनवाना अब पहले की तुलना में बहुत आसान हो गया है। आप घर बैठे ही ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए इसे बनवा सकते हैं।
बस एक छोटी सी सलाह है—फॉर्म सबमिट करने से पहले अपने नाम की स्पेलिंग और अपलोड किए गए दस्तावेजों की दोबारा अच्छे से जांच कर लें, ताकि आपका आवेदन रिजेक्ट न हो।
उम्मीद है आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। अगर इस विषय से जुड़ा आपके मन में कोई भी सवाल है, तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।
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अगर आप सरकारी नौकरी या स्कॉलरशिप की तैयारी कर रहे हैं, तो निवास के साथ-साथ अपना बिहार आय प्रमाण पत्र (Income Certificate) भी जरूर बनवा लें
(लेखक का नोट: यह जानकारी विभिन्न राज्यों के नियमों के सामान्य विश्लेषण पर आधारित है। सटीक जानकारी के लिए अपने राज्य की आधिकारिक अधिसूचना जरूर देखें।)

